चालाक खरगोश #2 – moral stories in hindi for kids

चालाक खरगोश - मूर्ख कछुआ moral stories in hindi for kids
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एक बार एक चौकू नाम का खरगोश था । एक दिन वह अपनी पत्नी के साथ बाग में

धूम रहा था जब उसकी पत्नी ने पेड़ पर मीठे-मीठे फल लटके देखे तो उसके मुँह

में पानी आ गया । उसने चीकू से फल तोड़कर लाने को कहा ।

इस पर चौकू नेकहा कि यह बाग एक भेड़िये का है जो बहुत ही खूखार है |

अगर उसे पता चल गया कि हमने फल तोड़े है तो वह हम दोनों को मार कर खा जायेगा ।

परन्तु चीकू की पत्नी उसके समझाने पर भी ना मानी ।

हारकर चीकू को फल तोड़ने जाना पड़ा।चीकू ने जैसे ही फल तोड़ने शुरू करे, वहाँ भेड़िया आ गया ।

चीकू फौरन फल लेकर भगा और पास पड़े एक ड्रम में घूस गया और उस ड्रम में फल रखकर बाहर आकर |

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चुपचाप खड़ा हो गया तभी भेड़िया वहाँ आ गया और उसने चीकू से पूछा कि
क्या उसने किसी खरगोश को वहाँ से फल ले जाते हुए देखा है ।

चीकू फौरन समझ गया कि भेड़िये ने उसे पहचाना नहीं ।

उसने भेड़िये से कहा कि – अभी-अभी एक खरगोश को मैने इस ड्रम में घूसते हुए देखा है ।

उसके पास बहुत से फल थे भेड़िया ड्रम के पास गया तो उसे उसमें से फलों की खुशबू आ रही थी । भेड़िया |
खरगोश को मारने के लिए उस ड्रम में घूस गया चालाक चीकू के फटाफट ड्रम
का ढकन बंद कर दिया

भड़िया ड्रम के अन्दर ही मर गया चीकू और उसकी
पत्नी उस बाग के मालिक बन गए ।

इस तरह चीकू ने अपनी बुद्धि से न सिर्फ अपनी जान बचायी बल्कि उस बाग का मालिक भी बन गया ।

चालाक खरगोश - मूर्ख कछुआ moral stories in hindi for kids
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story for kids | मूर्ख कछुआ #2 | moral stories, moral stories in hindi


(moral stories in hindi for kids) बहुत समय पहले की बात है । एक कछुआ था, जो किसी गांव में एक तालाब में रहता था।
उसकी मित्रता दो बगुलों से थी। तीनों दोस्त एक साथ खूब मज़ा किया करते थे। एक बार उनके गांव में बारिश नहीं हुई, जिस


कारण वहां भयंकर सूखा पड़ा। नदी व तालाब सूखने लगे, खेत मुरझा गये।

आदमी व पशु-पक्षी सब प्यास से मरने लगे। वह सब अपनी जान बचाने के लिये गावं छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाने लगे।

बगुलों ने भी अन्य पक्षियों के साथ दूसरे जगह जाने का फैसला लिया। जाने से पूर्व वह अपने मित्र कछुए से मिलने गये।

उनके जाने की बात सुनकर कछुए ने उनसे उसे भी अपने साथ ले चलने के लिए कहा।

इस पर बगुलों ने कहा कि वह भी उसे वहां छोड़कर नहीं जाना चहाते, परन्तु मुशकिल यह है कि कछुआ उड़ नहीं सकता और वह उड़ कर कहीं भी जा सकते है।
उनकी बात सुनकर कछुआ बोला, कि यह सच है कि वह उड़ नहीं सकता। परन्तु उसके पास इस समस्या का हल है। कछुए की बात सुनकर बगुलों ने उससे तरीका पूछा।


कछुआ बोला, “तुम एक मज़बूत डडी ले आओ। उस ड्डी के दोनो कोनों को तुम अपनी- अपनी चोंच से पकड़ लेना और मैं उस डडी को बीच में से पकड़कर लटक जाऊंगा।

इस प्रकार मैं भी तुम्हारे साथ जा सकूँगा और हम अपनी जान बचा सकेंगे ।

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